Posted by: malji | ફેબ્રુવારી 2, 2009

शायरी

शायरी

 

१.  कौन कहेता है मुलाकात नही होती

     राह में मिलते है मगर बात नही होती.

 

२.  आती हो हररोज ख्वाबो में

 
     और आती हो तुम ख्यालो में
  

     क्या हो गया हैं मुजे दिलभर
  

     उलजा रहेता हुं यही सवालो में

 

३.  कागज बनाने वाले हमें भी कागज बनाया होता,

     वो पढते पढते सो जाते हमे सीने से लगाया होता.

 

४.  मुहोब्ब्त में हम जीसे अपना समज बेठे
    

     वो पथ्थर था उसको खुदा समज बेंठे

 

५.  लोग कहते हैं हमे आदत हैं मुस्कुराने की
  

      उन्हे क्या पता ये भी एक अका हैं गम छुपाने की

-Unknown

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Responses

  1. लोग कहते हैं हमे आदत हैं मुस्कुराने की

    उन्हे क्या पता ये भी एक अका हैं गम छुपाने की..

    wahhhhh khub saras.

  2. wahhhh hasvama gam chupavane pan su varnvyu che

  3. wahhhh khubj sara.

  4. log kahete he hame aadat he muskurane ke
    UNHE KYA PATA YEH BHI EK ADA HE GH:AM
    CHUPANE KE……….

    bahot pasand aai.

  5. bahu saras, wonderful

  6. Very Good. Put some more ‘shayaris’……

  7. ek dard bhari shayri wanchi,,bahuj gami,,,,
    thodi wadhare hindi /urdu shayari maate
    vinanti….

  8. कौन कहेता है मुलाकात नही होती
    राह में मिलते है मगर बात नही होती.

  9. shyari


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